How To Be Happy In Life In Hindi – ज़िंदगी में हमेशा खुश कैसे रहे।

ज़िंदगी में हमेशा खुश कैसे रहे

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How To Be Happy In Life In Hindi - ज़िंदगी मे हमेशा खुश कैसे रहे।

How to be Happy in Life Hindi – चाहे आपके हालात इस वक़्त कैसे भी हो इसे पढ़ने के बाद आप में से अधिकतर लोग ये जान जायेंगे की चाहे कोई भी बुरी सी बुरी Situation हो उसमे खुश कैसे रहना है। दोस्तों थोड़ा समय तो लग सकता है इसे पढ़ने के लिए लेकिन ख़ुशी तो अनमोल है ये हर कोई चाहता है तो इतना तो बनता है।

तो आज की सबसे बड़ी समस्या ये नहीं है की मेरे पास पैसा नहीं है, अच्छा रिलेशनशिप नहीं है या ज़ीने का मकसद नहीं है। बल्कि आज की सबसे बड़ी समस्या ये है की हम सब चीज़ो को ख़ुशी के ऊपर रखते जाते है यानि हर चीज़ ठीक ठाक होने के बाद भी हम खुश नहीं है। आप मेरी बात से सहमत ना हो लेकिन ये सत्य है की खुश रहना एक आदत होती है ये ऐसी कोई परायी चीज़ नहीं है जो की आप किसी से मांग सकते हो या खरीद सकते हो।

यह ठीक उसी प्रकार से एक आदत होती है जैसे किसी को Exercise करने की आदत होती है किसी को देर तक सोने की आदत होती है किसी को गाने सुनने की आदत होती है और ये तो आपको पता ही होगा की आदत कौन बनाता है आदत कोई दूसरा नहीं बनाता ना? यह बात सच है की जब आपका मन होता है तब ही आप किसी काम को सुरु करते हो लेकिन फिर भी लोगो को देखते है जब कोई परेशानी होगी तो स्टेटस लगाएंगे दुसरो को Blame करेंगे, पूरा का पूरा दुःख भरा बर्तन दूसरे के सर पर उढेल देंगे।

तो जब आपका मन नहीं होगा खुश होने का जब तक आप नहीं Decide नहीं करेंगे की हां अब मुझे इस वक़्त से ही खुश रहना है तब तक आप किसी से लाख उम्मीद लगा लो आप दुनिया का सबसे Luxury कार खरीद लो या चाहे आप चाँद पर पिकनिक मनाने चले जाओ। आप कभी भी खुश नहीं रह पाओगे और मज़े की बात तो देखो आप तब भी किसी और को Blame करते रहोगे की तेरी वजह से मैं खुश नहीं हूँ , मेरी जॉब चली गयी इसीलिए मैं खुश नहीं हूँ या मैं Exam में Fail हो गया इसीलिए मैं बहुत दुःखी हूँ ।

देखो भाई, ये सब जो Regions है ना आपके दुःखी होने का वो सब के सब External है यानि की बहार के है और External चीज़ो को आपको किस Way में Accept करना है वो आप पे Depend करता है की ज़िंदगी में या एग्जाम में या रिलेशनशिप में Fail होने के बाद हमेशा रोते रहना है या उस Situation को Accept कर के Smile कर के ज़िंदगी में आगे बढ़ना है क्योंकि देखो, आप “आप” हो आपकी जो Thoughts है आपकी Feeling है वो आप में है उसी तरह हर व्यक्ति अपने आप में एक Unique Personality होता है तो आप किसी दूसरे की Thought या Personality को चाह कर के भी अपने अंदर नहीं ले सकते तो दूसरे Personality या हालात भी बदल कर के आपके तरह नहीं हो सकते।

1. स्वीकार करना।

अब यहाँ से एक बात निकल कर आती है ACCEPTANCE यानि आपको समझना है की जैसे की मैं इस पूरी दुनिया में यूनिक हूँ उसी तरह से दुनिया में हर चीज़ हर वक़्त और हर सक्श और हर सक्श की Capability यूनिक है। तो आपने इस तरह से Accept कर लिया की मैं यूनिक हूँ मैं अपने आप को किसी से Compare नहीं कहूंगा ना किसी से मुझे कोई जलन है और जब आप अपने आप को किसीऔर से Compare नहीं करोगे और अपने आप को यूनिक समझोगे तब आप अपने आप को Hart करना बंद कर दोगे और आपका एक्सीस्टैंस इस दुनिया के सामने निकल कर आएगा।

अब आप समझ गए होंगे की यानि मैं Accept किया की हां आज से मुझे खुश रहना है फिर आपने Accept किया की मैं यूनिक हूँ और किसी और को मेरे साथ Compare नहीं कर सकता और तब आपको समझ आएगा की मेरा भी कुछ एक्सीस्टैंस है और सेल्फ Respect है।

उसके बाद बात आती है की जब मैं दुनिया में सबसे यूनिक हूँ तो मेरी प्रोब्लेम्स मेरी ज़िंदगी की Achievement दुसरो के जैसे Same नहीं हो सकती, यानि की सब इंसान की अलग-अलग Problems है। यार Science में भी फॉर्मूलों की Limitation होती है कुछ ऐसी Conditions है जहा पर जाकर वो Formula भी Fail हो जाता है तो ज़िंन्दगी में ना जाने ना कितने Equations है Problem आना बिलकुल Valid है बिलकुल Basic है।

2. समय कभी नहीं रुकता।

अब आप ये बताओ की आप किसी यात्रा पर जा रहें हो और आपकी कार पंचर हो गई तो क्या आप कार को छोड़कर चले जाओगे नहीं ना क्योंकि आपको पता है की अभी ये पंचर है लेकिन थोड़ी देर में जब मैं इसका पंचर यही किसी आस पास के दुकान से बनवा लूंगा तो गाड़ी ठीक हो जाएगी। यानि की ख़राब वक़्त आता है और चला जाता है। अच्छा आपने कार का टायर सही करवा लिया लेकिन क्या गॅरंटी है की वो अब कभी दुबारा पंचर नहीं होगा कहने का मतलब है खुश रहने का दुसरा मंत्र है की वक़्त आता है और चला जाता है और क्योंकि आप एक यूनिक Personality हो आपका Thought Process सबसे अलग है इसलिए आप पे निर्भर करता है की आप को ऐसे हालात से सीखना है या एक जगह बैठकर के रोते रहना है।

3. किसी को दोष मत दीजिये।

अब समझिये की अगर आपकी कार पंचर हो गयी और अगर आप सारा दिन बैठकर खुद को Blame करते रहोगे की मुझे कार नहीं लानी चाहिए थी, मुझे ट्रैन से चले जाना चाहिए था या Blame करोगे की यार टायर बनाने वाली कम्पनी घटिया है तो क्या इससे आपकी Problem Solve हो जाएगी आपका यात्रा का मकसद पूरा होगा उस समय आपके लिए Priority क्या होगी।

चाहे आप कही भी हो आपको कैसे भी कर के टायर ठीक करवाना है और अपने सफर पर आगे बढ़ना है। कोई कितना भी बेवकूफ इंसान हो अगर उसकी गाड़ी पंचर होती है ना तो सबसे पहले उसका Solution ढूंढता है तो यार ये तो ज़िंदगी का महान सफर है तो इसमें आप कैसे खुद पे गिलटी करके या दुसरो को Blame कर के एक जगह पर बैठ सकते हो क्योंकि आपके साथ जो भी हुआ आप जिस भी जगह पर आकर अटक गए हो उसमे कही ना कही आपका ही Decision था।

तो आपको तुरंत कोई सलूशन ढूढ़ना है क्योंकि आप जिस मकसद से ज़िंदगी के सफर पर निकले थे उसको हर हालात में पूरा करना है इसीलिए बिना Situation को Justify किये बिना कोई फालतू के Exemption किये की उसने ऐसा किया होगा, उसने ऐसा कर रहा होगा, वो मेरे साथ ये करना चाहता है, मैं इसी के लायक हूँ , सब मेरी ही गलती है, इन सबको छोड़ कर उस Situation से बहार आने का सलूशन ढूंढो क्योंकि कई बार बड़ी-बड़ी प्रॉब्लम का सलूशन बहुत आसान होता है इसीलिए ना खुद पर Blame लगाओ ना दुसरो पर।

4. अपने आपको बदलो।

इसके बाद बात करते है चौथे Point की जो इंसान जानते हुए भी नहीं करना चाहता है वो है चेंज एक बदलाव। जब आप दुःखी रहते हो तो आपको एक ठोस कदम उठाना है बदलाव के लिए। अगर आपको पता है की कोई चीज़ मुझे ख़ुशी कम देती है और दुःख ज्यादा दे रही है तो फिर उस चीज़ पर अटक कर रहना ठीक नहीं है यार मूर्खता है!

जितना जल्दी हो अपने Existence को पहचान कर उस Situation को Accept कर के बदलाव की तरफ बढ़ना है। चाहे वो बदलाव आपके Sleeping Time में हो, चाहे वो Exercise करने के समय में हो, चाहे अपने लाइफ स्टाइल में चेंज करने में हो या फिर अपने ज़िंदगी में गोल्स को Achieve करने में हो कुछ भी हो। गोल्स को कैसे अचीवे करना है कैसे मेनहत करना है इसके लिए आप Motivation Ki Aag पर आकर सिख सकते हो।

5. मुस्कराहट।

अब पांचवा सिंपल सा पॉइंट आता है Smile मुस्कराहट, किसी- किसी के चहरे पर देखो तो ऐसा लगता है की सारा ब्रह्माण्ड इसी के ऊपर पड़ा हुआ है एकदम सीरियस.. दोस्तों एक इंसान के Smile में बहुत ताक़त होती है। पुरे दुनिया का बोझ ले कर और दुःखी रहने से अच्छा है की जस्ट स्माइल क्योंकि आप स्माइल करोगे तो आप खुश दिखोगे और जब आप खुश दिखने की कोशिश करोगे तो आपको खुश रहने की आदत पड़ेगी हर हालात में मुस्कुराने की आदत पड़ जाएगी और जैसे की हमने सुरु में ही कहा था की खुश रहना ठीक उसी तरह से एक आदत है जैसे की सोना, Exercise करना घूमना-फिरना।

तो लास्ट में एक एक बार फिर से Revise कर देता हूँ की किन 5 Minimum Point अपने Daily के रुटीन में ला कर आज से ही खुश रहने की शुरुआत कर सकते हो।

1. Acceptance –  बुरे हालात को Accept करो अपना Existence पहचानो।
2. Time Never Stops – अच्छा और बुरा समय एक टायर की तरह है जब तक टायर घूमता रहेगा सुख दुःख आते रहेंगे और जाते रहेंगे।
3. No Guilty, No Pain – ना खुद को दोष दे और ना ही दुसरो को क्योंकि जो कुछ भी आपके साथ होता है उसमे कही ना कही आपका Decision जरूर होता है इसलिए माफ़ करना सीखो खुद को भी और दुसरो को भी।
4. Change Yourself – सबसे जरुरी आज से ही अपने ज़िंदगी में Positive बदलाव लाना सुरु करो अपने ज़ीने का मकसद पहचानो।
5. Smile – पांचवा और आखिरी टिप्स की हालात कैसे भी हो एक स्माइल तो बनता है दोस्त।

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है ये पढ़कर आपको कुछ ना कुछ सिखने को जरूर मिला होगा। घुमा फिरा कर बात है खुद के अंदर झाकने की अंदर ही सलूशन ढूढ़ने की इसीलिए हमेशा कुछ अच्छा करो देश में अपना नहीं बल्कि दुनिया में देश का नाम करो।


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