Motivational Speech In Hindi For Success – असफलताओं का ज़िम्मेदार कौन?

आपकी असफलताओं का ज़िम्मेदार कौन

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Motivational Speech For Success In Hindi - असफलताओं का ज़िम्मेदार कौन।

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।

आपकी असफलताओं के लिये ज़िम्मेदार कौन है आपके माता-पिता, जो चाहे तो है की उनके बच्चे खूब नाम रोशन करे,खूब आगे बढ़े लेकिन वही माता-पिता ये कभी नहीं चाहते की उनके बच्चे रिस्क ले कुछ ऐसा कर दिखाए जो पूरी इस दुनिया में किसी ने नहीं किया हो।

भारतीय माता-पिता तो यह चाहते है की उनके बच्चे घर के अंदर ही रहे दिन भर घर के अंदर रहे और कुछ ऐसा कर जाये जो की पूरी दुनिया में उनका नाम हो या फिर हमारा एजुकेशन सिस्टम जो की लार्ड मैकॉले ने 1835 में सिर्फ इसलिए बनवाया था ताकि वो हमे मानशिक रूप से गुलाम बना सके उसकी हर बात को वो हमसे फॉलो करवा सके और उसमे अपना कोई भी दिमाग नहीं लगाए और आज हो भी यही रहा है।

जब भी हमे WhatsApp पर कोई भी न्यूज़ आती है चाहे वो फेक हो हम अपना बिना दिमाग लगाए बिना सोचे समझे उसे फॉरवर्ड करने में लग जाते है क्योंकि हमे एजुकेशन सिस्टम ने सेल्फ अवेयरनेस जैसी कोई चीज़ सिखाई ही नहीं है।

हमारा एजुकेशन सिस्टम तो हमे इतिहास रटना सिखाता है ना की इतिहास रचना और सबसे बड़ी दुःख की बात तो ये है की जिस एजुकेशन सिस्टम में हम पढ़ते है हर दिन जहाँ जाते है वही पर हमारा राष्ट्रगान जो की जन गण मन अधिनायक जय हे है हम उसे गाते तो है लेकिन कई भारतीय को उसका मायना ही नहीं पता।

या फिर ज़िम्मेदार है हमारी सरकारे जहाँ यदि एक युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए निकलता है तो उस एक नौकरी को पाने के लिए उसको अपने जैसी लाखो युवाओ के साथ प्रतिस्वर्धा करना पड़ता है।

चलिए मान लेते है ये सब आपके असफलता के लिए ज़िम्मेदार है लेकिन कई सालो से इन्हे ज़िम्मेदार ठहराने के बाद भी क्या आप सफल हो पाए नहीं, बिल्लुक नहीं और हो भी नहीं पाएंगे।

एक 15 से लेकर 30 साल तक युवा ऐसे कौन से गलतिया कर रहा है जिसके कारण भारत की आजादी 72 साल बाद भी हमारा युवा सफल नहीं हो पा रहा है जब तक आप अपनी कमियों को नहीं पहचानेंगे और उन्हें नहीं सुधारेंगे तब तक आप जीवन में आगे नहीं बढ़ सकते है।

तो ऐसे कौन सी कमिया है जो आपको आज से ही सुधारनी है।

1.टेक्नोलॉजी का गलत प्रयोग।

पहली चीज़ जो आपके जीवन को बर्बाद कर रही है। आज कोई भी इंसान अपनी पत्नी, अपने बच्चो अपने माता-पिता से भी ज्यादा समय अपने फ़ोन के साथ गुजरता है चाहे काम हो या ना हो वो दिन भर अपने फ़ोन को देखता रहता है।

ऐसा क्या है इस फ़ोन में हर इंसान के फ़ोन में 5 से 6 ऐसे एप्लीकेशन होते है जिन में वो दिन भर लगा होता है हर कुछ देर में उन्हें वो खोलता है फिर बंद करता है, खोलता है फिर बंद करता है उसे ये बात बहुत अच्छे से पता है की इससे उसका बहुत सारा समय बर्बाद हो रहा है लेकिन उसके बाद भी वो ये करता रहता है।

2. युवाओ का रिलेशनशिप।

दूसरा सबसे बड़ा कारण है की, आज के युवाओ का Relationship जो साल में मौसम की तरह कई बार बदलता है। पहले ये परेशान रहते है की हमारे ज़िंदगी में कोई है नहीं जब कोई आ जाता है तब परेशान रहते है की ये आया क्यों और जब वो उसे छोड़ कर चला जाता है तो फिर परेशान रहते है की इसने हमे धोका दिया और इसी धोके से उभरने के लिए वो अपने जीवन के कई सारे साल को बर्बाद कर देता है।

बाबू, जान, सोना, करने के चक्कर में वो ये भूल जाते है की उनके ज़िंदगी में इससे भी ज्यादा कुछ महत्वपूर्ण है, पहले वो एक दूसरे से वादा करते है की एक दूसरे के साथ रहेंगे लेकिन फिर वो ना दोनों एक दूसरे के साथ रहते है और ना ही ये समय उनके साथ रहता है।

3. इनोवेशन का ना होना।

तीसरा सबसे महत्वपूर्ण कारण है की हमारी सोच में इनोवेशन का ना होना।

आज हम भारतीय बहुत ही फक्र के साथ कहते है और होना भी चाहिए की हमारे सुन्दर पिचाई Google के CEO है, सत्य नडेला Microsoft के CEO हैं, इंद्रा नोइ Pepsi के CEO हैं और ऐसे बहुत सारे भारतीय विदेशी कम्पनियो के लिए बहुत अच्छा कर रहे हैं।

लेकिन आज हमे और हमारे देश को इस बात की जरूरत हैं की हम ऐसे कंपनियों में नौकरी करने की वजाय ऐसी कम्पनिया खुद खड़ी करे।

लेकिन हमारे देश में तो उल्टा ही हो रहा हैं Flipkart और Paytm जैसी बड़ी कंपनी बनाने के बाद भी हमने उनका मालिकाना हक विदेशी कंपनियों को दे दिया यदि हम ध्यान लगाए की बड़ा नौकर बनने से अच्छा हैं की हम छोटा मालिक बन जाये तो हम अपने लिए और अपने देश के लिए बहुत कुछ अच्छा कर पाएंगे।

खुद की गलतिओ को जानने के बाद भी तब तक काम नहीं बनेगा जब तक हम उन गलतियों को सुधार ना ले।

4. कर के दिखाने में भरोसा रखे।

मेरी ये बात हमेशा याद रखना की इस दुनिया को सुनाई कम और दिखाई ज्यादा देता हैं इसलिए आप बोलने की अपेक्षा कर के दिखाने में भरोशा रखे।

कई बार आप अपने फैमेली पर गुस्सा हो जाते हो की वो आपकी बात नहीं मानते क्यों माने.. सालो से आप सिर्फ बोलते तो आ रहे हैं की मैं ये कर डालूंगा, वो कर डालूंगा लेकिन आपने उन्हें कर के नहीं दिखाय। जिस दिन आप उन्हें कर के दिखा देंगे सिर्फ फैमेली नहीं पूरी दुनिया आपकी बात मानेगी।

5. खुद के साथ एक्सपेरिमेंट करे।

आपको अपने साथ एक्सपेरिमेंट करना होगा दुनिया जरूर कहती हैं की एक लक्ष्य बनाओ और उसे हासिल कर के दिखाओ। लेकिन उस एक लक्ष्य को बनाने से पहले आपको कई बार अपने साथ एक्सपेरिमेंट करना होगा।

जैसे हुसैन बोल्ट बहुत ही अच्छे क्रिकेटर थे लेकिन उन्होंने अपने प्रतिभा को पहचाना और दुनिया के सबसे तेज़ धावक बने। महेंद्र सिंह धोनी जो पहले बहुत ही अच्छा फुटबॉल खेलते थे, लेकिन अपने आप को जाना पहचाना और भारतीय टीम के सर्वश्रेस्ट कप्तान बने।

ऎसे ही आपको भी अपने साथ एक्सपेरिमेंट करना होगा और उसी के बाद आगे बढ़ना होगा। अब इस एक्सपेरिमेंट में आप कई बार गिरेंगे लोग आपको बुरा भला कहेंगे, ताने मारेंगे कहेंगे ये तुम्हारे बस की बात नहीं हैं लेकिन तुम कभी हार मत मानना अपनी गलतियों को पहचानना, उन्हें जानना उन्हें ठीक करना और ज़िंदगी में आगे बढ़ना।

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि।।

गीता में भी हमे हमे यही समझाया हैं की हमारे हाथ में सिर्फ कर्म करना हैं फल का अधिकार हमारे हाथ में नहीं हैं। वो हमे ईश्वर देंगे अच्छे कर्मो का अच्छा फल और बुरे कर्मो का बुरा फल, इसके लिए आप हमेशा तैयार रहिये आशा करता हूँ की मेरी बातें आपको समझ में आयी होगी।

।। धन्यवाद।।


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