मुर्दो का रास्ता कहानी।

मुर्दो का रास्ता कहानी

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मुर्दो का रास्ता कहानी - Bhutiya Horror Story In Hindi

Horror Story In Hindi – अपनी मंज़िल तक पहुंचने के लिए हम सब को रास्ता तय करना होता है और सफर के बाद मिलने वाली मंजिल अगर हमारी मन चाही हो तो उसकी बात ही कुछ और है। और क्या होगा अगर सफर ख़त्म ही ना हो, क्या होगा अगर रास्ता अनंत हो, क्या होगा अगर आप उस रोड पर निकल पड़े हो जो रास्ता आपकी मौत की ओर ले जाता हो। हम चलते है ना ख़त्म होने वाली सड़क की तरफ।

विनय और उसके 7 दोस्त अमीर बाप के बिगड़े हुए लड़के थे, उन्हें ना गरीबो की परवा थी और ना ही फ़िक्र। उनका जो मन करता था वह करते थे उनका कोई कुछ बिगाड़ने वाला नहीं था लेकिन कभी ना कभी ऊंट पहाड़ के निचे आता जरूर है। कभी जल्दी तो कभी देर से।

एक दिन रात में विनय और उसके 7 दोस्त पास के ही एक गांव में चले गए। गांव में गरीबो के पास अपने मुर्दो को गाड़ने की जगह भी नहीं थी इसलिए उन्हें गांव के सड़क के किनारे गाड़ दिया जाता था। इसी सड़क के किनारे एक बोर्ड पर लिखा हुआ था की हमे आराम से सोने दे, हम आपको आराम से सोने देंगे

जब विनय और उसके 7 दोस्त वहा पहुंचे तो सबसे पहले उन्होंने वो बोर्ड निकाल फेंका और फिर जिन्दा इंसानो की इज्जत ना करने वाले इन लफंगो के एक जुट ने मुर्दो के साथ भी यही सलुख सुरु कर दिया। कोई कब्र पर रखे फूलो को फेकने लगा तो कोई कब्र पर बैठकर सराब पिने लगा, कोई कब्र पर रखे पत्थर को फेकने लगा, तो किसी को कब्र पर पेशाब करने का आईडिया आया।

जब इन गिरी हुयी हरकतों से इनका मन भर गया तो वह आगे बढ़ गए। अभी तक जो हुआ वह विनय और उनके दोस्तों ने किया पर अब किसी और की बारी थी।

सारे दोस्त उसी रास्ते पर आगे बढ़ते जा रहे थे तभी उनमे से एक को महसूस हुआ की बहुत देर हो गयी पर आगे कुछ नहीं आ रहा और उन्हें ये लग रहा है की वो उसी रास्ते पर गोल-गोल घूम रहे है और वह कब्र बार-बार उनके सामने आ रही है तभी उनमे से एक बोला।

दोस्त – यार विनय तुझे ये नहीं लगता की हम यहाँ से पहले भी गुजर चुके है।

विनय – क्या बकवाश करता है लगता है तुझे चढ़ गयी है।

2-3 घंटे और चलने के बाद दोस्त की नजर उसकी घड़ी पर जाती है उसकी घड़ी पर 7 बज रहे है और यह शाम के 7 बजे तो नहीं हो सकते मतलब यह सुबह के 7 बजे है। और अब वो सब इस बात को समझ जाते है की ना तो ये रोड़ ख़त्म हो रहा है और ना ही रात, वो रास्ते पर थके हारे चल रहे थे।

तभी उनके सामने एक चुड़ैल आकर खड़ी हो गयी। उसके बालो से उसका पूरा मुँह छुपा हुआ था केवल उसकी एक लाल आँख नजर आ रही थी इससे पहले वो डर के मारे भागते वो बोली।

चुड़ैल – हम ने कहा था ना की हमे सोने दो, कहा था ना हम ने।

ये कहते हुए उसने अपने हाथ में रखा एक भला सारे दोस्तों की तरफ फेका और उनमे से एक के सीने में आकर लगा और उसकी मौत हो गयी। घर से 8 निकले थे और अब वो केवल 7 बचे।

वह वहा से भागने लगे तभी उनके सामने एक पिशाच आकर खड़ा हो गया उसके चेहरे पर ना तो कान था और ना नाक था उसके एक आँख था और एक मुँह था। तभी वह पिशाच बोला “हमने कहा था ना की हमे सोने दो कहा था ना”

तभी वह पिशाच अपने दोनों हाथ ऊपर किये और देखते ही देखते उसके आस-पास के पेड़ उखड़ने लगे और वह पेड़ आकर उन दोस्तों के ऊपर गिरे। इन सबके बिच तीन और दोस्तों की मौत हो गयी।

और अब इनमें केवल 4 लोग बचे हुए थे। चारो दोस्त तुरंत वहा से भागने लगे। सब लोग थके हुए थे और पिने के लिए पानी भी नहीं था और रात ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी और ना ही वह रास्ता ख़त्म होने का नाम ले रहा था।

दोस्त – विनय हमने इन लोगो को सोते हुए परेशान करके अच्छा नहीं किया ये हम से इसी बात का बदला ले रहे है।

विनय – हां हां इतना तो हर बेवकूफ को समझ आ गया है की ये लोग हमारे साथ ऐसा क्यों कर रहे है कोई सलूशन बताओ नहीं तो मुँह खोल कर ऑक्सीजन वेस्ट मत करो।

इतने में उन्होंने देखा की रोड़ में एक गड्ढा हुआ है और उनमे से 1 दोस्त गड्ढे में जा गिरा। अब तीन दोस्त बचे थे। तभी उनमे से एक दोस्त बोला।

दोस्त – क्यों ना हम अपनी गलती सुधारे हमने जो कुछ भी उन कब्रों का किया है अगर हम लोग उसे ठीक कर देते है तो सायद हमारी जान बच जाये।

विनय – बिलकुल ठीक कहते हो चलो।

यह कहकर वे तीनो वापस उसी कब्रों के तरफ चले गए और वे जो फूल उन्होंने फेके थे वापस उसी कब्र पर रख दिए, जो पत्थर उन्होंने फेके थे वो वापस वहा पर लगा दिया, जो सराब की बोतल कब्र पर रखी थी वह वहा से हटा दिया और जिस कब्र पर पेशाब की थी उसे भी उन्होंने साफ़ कर दिया।

वो ये सब कर रहे थे तभी आसमान से एक चुड़ैल उड़ती हुयी आई और एक को ले गयी। अब दो ही बचे थे।

दोस्त – अब हम क्या करे विनय हमने तो सब कुछ सुधार दिया तब भी कुछ नहीं फरक पड़ रहा।

विनय – रुको तुम्हे याद है सबसे पहले हमने वो बोर्ड निकाल कर फेका था।

दोस्त – हां हां बिलकुल ठीक कह रहे हो, आओ उसे ठीक करके वापस लगा दिया जाये।

यह कहकर दोनों वापस बोर्ड को वापस लगाने लगे। तभी उनके सामने वही चुड़ैल और पिशाच आ गए और उनकी तरफ बढ़ने लगे यह देखकर वह दोनों और तेज बोर्ड को उस पुरानी जगह पर गाड़ने लगे। और इसके पहले की चुड़ैल और पिशाच उनके सामने पहुंचते उन्होंने बोर्ड को पुरानी जगह पर अच्छे से लगा दिया और देखते ही देखते चुड़ैल और पिशाच दोनों गायब हो गए।

और अब धीरे-धीरे आसमान से अँधेरा जाने लगा और सुबह हो गयी बचे हुए दोनों दोस्त अपनी गाड़ी में बैठकर भाग गए अब इन सोते हुए लोगो को दुबारा कोई नहीं परेशान करेगा।


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