स्कूल में भूत की कहानी।

स्कूल में भूत की कहानी

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स्कूल में भूत की कहानी - Horror Story In Hindi

Horror Story In Hindi बच्चो के लिए स्कूल उनका दूसरा घर कहलाया जाता है, घर जहा हम सेफ फील करते है। पर तब क्या होगा अगर हम वहा भी सेफ ना हो ऐसा ही कुछ हुआ था 15 साल की निशा के साथ।

निशा ने एक डांस कम्पीटशन में पार्टिसिपेट किया था और अपनी परफॉरमेंस की प्रैक्टिस के लिए वह स्कूल ख़त्म होने के बाद अपने दो दोस्तों रमन और पॉल के साथ रुकी थी।

डांस प्रैक्टिस करते वक्त निशा के दोस्त पॉल का बैलेंस बिगड़ गया और वह निचे गिर गया। उसका पैर ट्विस्ट हो गया था और वह बुरी तरह दर्द से चिल्ला रहा था स्कूल के सब टीचर्स जा चुके थे और हेल्प के लिए उन बच्चो के पास कोई भी नहीं था।

तभी निशा भाग कर मेडिकल रूम गयी लेकिन वहा भी तब तक ताला लग चूका था उसी वक्त निशा को लगा की जैसे कोई उसके पीछे से ऊपर गया है वो उडी तो उसे एक परछाई ऊपर जाते दिखी।

निशा को लगा की सायद स्कूल स्टाफ में से कोई तो अभी भी स्कूल में है और इसी लिए निशा उसे रोकने के लिए उसके पीछे भागी निशा स्कूल के थर्ड फ्लोर पर आ चुकी थी उस फ्लोर पर स्कूल स्टाफ के अलावा किसी का भी जाना मना था।

निशा पहले तो वहा सीढ़ियों के पास ही खड़ी होकर आवाज लगाने लगी पर उसे कोई जवाब नहीं मिला इसलिए वो थोड़ी आगे गयी उसने देखा की उस फ्लोर पर सिर्फ एक ही रूम था और उस पर भी ताला लगा हुआ था।

निशा को कुछ समझ नहीं आ रहा था तो वह परछाई को अपने मन का वहम मानकर वापस जाने लगी लेकिन तभी उसे एक अजीब सी आवाज आयी जब निशा ने पलटकर उस कमरे की तरफ देखा तो उस पर जो ताला लगा था वह टूटकर निचे गिरा हुआ था।

निशा एकदम से चौक गयी वह उस रूम के अंदर गयी उसे दिखा एक आदमी खिड़की की तरफ मुँह करके खड़ा है। निशा ने उससे पूछा क्या वह उसके साथ चलकर पॉल की मदद करेगा लेकिन वह आदमी में निशा को कोई रिएक्शन ही नहीं दिया।

निशा को सब कुछ बहुत अजीब लग रहा था उसने फिर से उस आदमी को पुकारा लेकिन तभी अचानक उस कमरे का दरवाजा अपने आप बाद होने लगा निशा ये देखकर घबड़ा उठी वह दरवाजे की तरफ गयी और उसे खोलने की कोशिश करने लगी लेकिन वह दरवाजा नहीं खुला।

तभी निशा को उस आदमी की हसने की आवाज आने लगी वह बहुत डरावने तरीके से हस रहा था और धीरे-धीरे उसकी हसी तेज़ होती जा रही थी निशा में पलटकर देखने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी और वह डर के मारे जोरो से दरवाजे पर पीटने लगी।

तभी निशा को अपनी गर्दन पर हलकी सी हवा का अहसास हुआ उसने पलटकर देखा तो उसका दिल दहल उठा वह आदमी जो कुछ देर पहले खिड़की की ओर देख रहा था वह अब ठीक उसके सामने खड़ा था उसके चेहरे पर एक हल्की सी हसी थी जो निशा को बहुत डरावनी लग रही थी।

वह निशा को ऐसे घूर रहा था जैसे वह आज उसे जिन्दा नहीं छोड़ेगा उसने निशा को पकड़ लिया और उसे अपने पास खींचने लगा निशा का रोना छूट गया और वह डर के मारे बहुत जोरो से चिल्लाई।

उस आदमी ने निशा के मुँह पर हाथ रखा और निशा के साथ बत्सलुखी करने लगा।

उधर निशा को ढूंढते हुए रमन स्कूल के गार्ड को लेकर थर्ड फ्लोर पर पंहुचा जहा उन्हें निशा की चीख सुनाई दी। वे जल्दी से उस कमरे में गए और उन्होंने देखा निशा जमीन पर बैठी रो रही है और उसके आस-पास कोई नहीं है।

उसकी शर्ट ऊपर से थोड़ी फटी हुयी थी और उसके चेहरे पर चोट के निशान थे उसने सबको अपने साथ हुआ सारा किस्सा बताया। निशा के साथ हुए इस हादसे को सुनकर स्कूल गार्ड का चेहरा बिलकुल पीला पड़ गया।

गार्ड ने निशा और उसके दोस्तों को बताया की कुछ साल पहले स्कूल में एक सफाई कर्मचारी काम करता था वह थोड़ा पागल सा था और वह लड़कियों को बहुत ही गन्दी नज़रो से देखकर हस्ता रहता था एक बार उसने एक लड़की के साथ बत्सलुखी भी की थी उस लड़की ने जब उसकी शिकायत की तो स्कूल की प्रिंसिपल ने उसे हमेशा-हमेशा के लिए उसे स्कूल से निकाल दिया।

उसके एक हप्ते के अंदर उस पागल आदमी ने थर्ड फ्लोर वाले स्टोरेज रूम में जाकर खुद को मार डाला। उसकी मौत का काफी दिनों तक किसी को पता ही नहीं चला था उस आदमी की बॉडी बहुत ही डरावनी हालत में पायी गयी थी और तब से उसकी आत्मा उसी कमरे में भटक रही है इसीलिए स्कूल के थर्ड फ्लोर पर किसी का भी जाना बंद है।

इस इंसिडेंट के बाद निशा इतनी डिस्टर्ब हो गयी की वह कुछ दिन तक स्कूल ही नहीं गयी बल्कि कुछ ही महीनो में उसने एक नए स्कूल में एडमिशन भी ले लिया। लेकिन वह कभी भी उस आदमी की भयानक हसी नहीं भूल पायेगी।

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