Signs Of True Love In Hindi – सच्चे प्यार की 4 निशानियां क्या होती है?

4 Signs Of True Love In Hindi

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Signs Of True Love In Hindi - सच्चे प्यार की 4 निशानियां।

सच्चे प्यार की 4 निशानियां क्या होती है – आज के समय में हर इंसान को यह जानने की इच्छा होती है की जिस इंसान से मैं इतनी मोहब्बत करता हूँ जिसके लिए मैंने अपनी सारी चीज़े छोड़ दी अपने पढ़ाई को छोड़ दिया अपने परिवार को टाइम देना छोड़ दिया अपने करियर को दांव पर लगा दिया उसके लिए मैंने इतना कुछ किया।

क्या वो मुझसे उतनी मोहब्बत करता है या नहीं करता है कही वो मुझे धोखा तो नहीं दे रहा है कही उसने मुझे धोखे में तो नहीं डाल रखा है।

अगर आपको उस पे सक होता है की कही ना कही उसका चक्कर किसी और से चल रहा है वो किसी और से प्यार करता है वो मुझे धोखे में रखा हुआ है वो मुझसे मोहब्बत नहीं करता।

1. कण्ट्रोल और चेंज करने की कोशिश।

जहा पर सच्चा प्यार होता है वहा पर कण्ट्रोल और चेंज करने की कोशिशे नहीं होती है और जहा झूठा प्यार होता है वहा पर होता है फाॅर्स, प्रेशर, दवाव बनाने की कोशिश होती है किसी को चेंज करने की कोशिश करना।

जहा प्यार होता है वहा किसी पर कोई चीज़ थोपते नहीं है और ना ही किसी चीज़ की जबरदस्ती करते है की तुम ये चीज़ करो, मैं ऐसा कह रहा हूँ इसलिए तुम ऐसा करो, मैं जो कहूंगा वही होगा या सच्चा प्यार नहीं होता है।

अगर आप दोनों की चीज़े अलग अलग है और तुम वो चीज़े करना चाहते हो जो की उसे पसंद नहीं है और तुमसे सामने वाला इंसान अपनी पसंद की चीज़े करवाना चाहता है तो ये तो सच्चा प्यार कतई भी नहीं है।

रिलेशनशिप का मतलब होता है कंस्ट्रक्टिव तुम लाइफ में दोनों ही मिलकर आगे जा रहे हो, दोनों साथ में खुश रहते हो, दोनों साथ मिलकर चलते हो ख़ुशी बाटते हो, जहा उसको प्रॉब्लम होती है वहा तुम सपोर्ट करते हो जहा तुम्हे प्रॉब्लम होती है वहा वो सपोर्ट करता है, वही होता है सही रिलेशनशिप।

लेकिन जहा पर झूठा प्यार होता है वहा पर हम कण्ट्रोल करने की कोशिश करते है हम सामने वाले को पुतला बना देते है जिसको अपने इसरो पर नचाते रहते है तो यह सच्चा प्यार तो बिलकुल भी नहीं है।

अगर आपको थोड़ा सा भी ये फील हो की रिलेशनशिप से पहले मैं थोड़ा फ्री माइंड में रहता था लेकिन जब से रिलेशनशिप में आया हूँ या फिर जब से मैंने इस इंसान से बात करनी सुरु की है तब से इस इंसान ने मेरी जिंदगी चेंज कर दी है और उस चीज़ से मैं खुश नहीं हूँ।

ये मुझको कण्ट्रोल करने लगा है या मैं आजादी से कोई चीज़ नहीं कर सकता या कोई चीज़ मैं जबरदस्ती कर रहा हूँ जो की उसे पसंद है या वह कर रहा है तो ये चीज़ आपको डिस्ट्रैक्ट कर देगी आपको ख़त्म कर देगी तो ये चीज़ आपको समझना पड़ेगा।

2. समझौता करना।

जहा सच्चा प्यार होता है वहा समझौता करना होता है कही नाह सेक्रिफाइज करना होता है और जहा झूठा प्यार होता है वहा एक ही चीज़ होती है सिर्फ अपना फायदा देखना।

अगर सामने वाला इंसान सिर्फ और सिर्फ अपना फायदा देखता है सिर्फ अपने फायदे के लिए तुमसे कोई चीज़ करवाता है सिर्फ अपने फायदे के लिए तुमसे बात करता है सिर्फ अपने फायदे के लिए ही तुमको बुलाता है तो ये चीज़ झूठे प्यार में ही आती है।

फायदा कुछ भी हो सकता है, इमोशनली भी, फिजिकली भी, मेंटली भी और कैसा भी फायदा सिर्फ अपने लिए ही करता है और हर एक चीज़ इस लिए करवाता है या करता है क्योकि उससे उसको फायदा होता है उसे ख़ुशी मिलती है तो ये चीज़ गलत है।

जैसे वह इंसान तुमसे तभी बात करता है जब वह फ्री करता है जब वह बोर होता है तभी आपसे बात करता है और जब नहीं फ्री होता है तब आपसे बात नहीं करता। वह तभी कॉल करता है जब उसको गन्दी-गन्दी बातें करनी होती है तो जाहिर सी बात है की ये झूठा प्यार है सच्चा प्यार तो नहीं है।

लेकिन तुम इस लिए खुश हो जाते हो की यार देखो उसने मुझे खुद कॉल किया खुद मैसेज किया और यह सोचना की वह आपसे प्यार करता है इसलिए आपको मैसेज या कॉल किया तो यह आपको बेवकूफी है।

जब तुम मैसेज करने या कॉल करने की कोशिश करते हो तो वह रिप्लाय नहीं देता ना तब तो वह बीजी हो जाता है और जब उसको टाइम मिलता है उसका फायदा होता है तभी बात करता है

और यह चीज़े बहुत बार देखी जाती है फैसिकली और ज्यादा तर ये लड़के करते है की लड़की से तभी बात करेंगे या मिलेंगे जब रिलेशन के बाद उनका करने का मन होगा। उनसे प्यारी प्यारी बातें करेंगे उन्हें बहुत मोहब्बत दिखाएंगे और करने के बाद फिर पहले जैसे हो जाते है।

तो अगर ये चीज़ आ रही है तो यह फेक लव ही है। सच्चे प्यार में कोम्प्रोमाईज़ होता है और सेक्रिफाइज होता है जैसे की दो लोग कुछ अपनी-अपनी चीज़े छोड़ते है और वो करते है जिससे सामने वाले को ख़ुशी मिले।

थोड़ा बहुत आपको छोड़ना पड़ेगा अब अपनी पसंद किसी पर थोप तो नहीं सकता ना की मुझे ये खाना पसंद है तो तुम्हे भी यही खाना पड़ेगा और अगर तुम्हे ये खाना पसंद नहीं है तो जाओ मैं तुम्हे पसंद नहीं करता। तो ये सब चीज़े सच्चे प्यार नहीं होती है।

अगर सामने वाला इंसान अपने दोस्तों से बात करना छोड़ देता है क्योकि आपको उससे बात करनी है या कुछ और चीज़ छोड़ सिर्फ आपके चलते तो समझ जाओ की वह इंसान आपसे सच्चा प्यार करता है।

अगर वह झूठा प्यार करता होगा तो वह तुमसे तभी बाते करेगा जब उसका मन नहीं लग रहा होगा किसी चीज़ में और या फिर उसको आपसे कुछ चाहिए होगा जैसे मेंटली, फिजिकली या इमोशनली।

3. रिस्पेक्ट करना।

जहा सच्चा प्यार होता है वहा हम सामने वाले की रिस्पेक्ट करते है। प्यार के बाद जो दूसरा नंबर आता है किसी रिलेशनशिप में तो वो होता है रिस्पेक्ट। जहा प्यार है वहा रिस्पेक्ट होना ही होना चाहिए और जहा रिस्पेक्ट होता है वही प्यार होता है।

अगर दो लोग एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते है लेकिन एक दूसरे की रिस्पेक्ट नहीं करते तो वह प्यार नहीं है चाहे तुम उसके लिए कुछ भी कर दो लेकिन अगर रिस्पेक्ट नहीं करते हो तो ये बहुत बुरी चीज़ है।

मगर आज का के लड़को की मेंटालिटी ये है की अगर वो किसी लड़की से कुछ भी बाते करते है तो वह अपने फ्रेंड्स से बताते फिरते है तो ये चीज सही नहीं है।

तुम सामने वाले की इज्जत गिरा रहे हो उसकी बदनामी कर रहे हो क्योकि तुम्हे कूल बनना है और ये चीज़े ज्यादा तर लड़के ही करते है जो की ये बिलकुल भी सही नहीं है और ये चीज़ आ जाती है की आप उसकी इज्जत नहीं कर रहे हो।

लड़कियों की तरफ से सबसे ज्यादा गलती क्या होती है की वह सामने वाले लड़को को हर्ट कर देती है वह यह देखती ही नहीं है की वह हार्ट हो रहा है या नहीं हो रहा है, उसको ये बात चुभ रही है, उसको ये बात गलत लग रही है, वो खुद का ईगो, खुद का रोना-धोना लेकर आ जाती है और खुद की बात मानवती रहती है।

तो ये भी तुम उसको कही ना कही डिसरिस्पेक्ट कर रहे हो। डिसरिस्पेक्ट करना कैसे भी हो सकता है इमोशनली, फिजिकली, मेंटली, सोशली, अगर इनमे से कुछ भी तुम उसके साथ गलत कर रहे हो या हर्ट कर रहे हो तो ये तुम उसको डिसरिस्पेक्ट ही कर रहे हो।

आप सामने वाले को चोट नहीं पंहुचा सकते। रिलेशनशिप वही अच्छा होता है जहा पर दो लोग खुश होने की कोशिश करते है लेकिन तुम दूसरे को हर्ट कर रहे हो और सोच रहे हो की सामने वाला तुम्हे खुश रखे तो ये प्यार नहीं।

4. सच्चाई।

बात करे सच्चे प्यार की तो जहा पर सच्चाई रहेगी वही पर सच्चा प्यार भी होगा और जहा पर झूठ होगा वहा पर झूठा प्यार होगा सीधी सी बात है तो जहा पर अगर सच्चा प्यार होगा वहा पर ज्यादा तर हम एक दूसरे से सच बोलते है।

लेकिन आज के समय पर तुम किसी भी इंसान से ये उम्मीद मत रखना की वह पूरी तरह से सच रहेगा। कोई इंसान सच्चा नहीं है झूठ हर एक इंसान बोलता है लेकिन यह निर्भर करता है की वह कितना बड़ा और कितना छोटा झूठ बोलता है।

उस इंसान से दूर रहना जो छोटी छोटी बात पर झूठ बोल देता है अगर सामने वाला इंसान आपसे छोटी सी बात पर झूठ बोल देता है तो उससे एकदम से दूर रहना वह एक नंबर फ्रॉड है उसके साथ रहना तुरंत छोड़ दो उससे दूर ही रहो।

जैसे की उसने कोई गलती कर दी और वह उस गलती को छुपाने के लिए तुमसे कोई भी झूठ बोल देता है और छोटी छोटी गलतिओ पर छोटा छोटा झूठ हर एक बात पर बोलता है और तुम्हे समझ में आता रहता है की वह इंसान इतना झूठ बोल रहा है तो उस इंसा से एकदम से दूर हो जाओ।

मैं आपसे ये नहीं कह रहा हूँ की आप हर वक्त सच बोलो और आप बोल भी नहीं सकते कोई भी नहीं बोल सकता है पर आप झूठ का एक स्टैण्डर्ड बनाओ छोटी-छोटी बात पर झूठ बोल रहे हो तो ऐसे लोगो से बिलकुल दूर रहना।

तो अगर वो तुम्हारे पीठ पीछे किसी और से बात करता है और जब तुम उससे पूछते हो की क्या तुम उससे बात कर रहे थे तो अगर वह इतनी सी बात पर झूठ बोल देता है तो वह आपसे क्या ही सच्चा प्यार करता होगा।

और अगर बहुत सारी तुमसे छुपाता है कुछ काम करता है और तुम्हे कुछ और बताता है तो यह फेक लव में ही आता है।

अगर आप कोई गलतिया कर रहे हो तो आप माफ़ी मांग लो की गलती हो गयी चीज़े छुपाना एक झूठ के पीछे दस झूठ बोलना झूठ में ही पूरा रिलेशनशिप निकालना ये सच्चा प्यार बिलकुल भी नहीं होता।

तो ये थी कुछ 4 टिप्स तो की आपको जरूर पसंद आयी होती और आपको पता चला होगा की सच्चा प्यार और झूठा प्यार क्या होता है

Q. (रियल लव) सच्चा प्यार क्या होता है?

सच्चा प्यार वह होता है जो सभी हालातो में दुःख हो या सुख हो हमेशा आपका साथ दे और एक साथी जो आपसे प्यार करता है, वह आपको शारीरिक रूप से चोट नहीं पहुंचाएगा या आपकी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। एक सच्चे प्यार भरे रिश्ते में संचार, स्नेह, विश्वाश, प्रशंसा और आपसी सम्मान होना चाहिए।


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