पिशाचों का घर कहानी।

पिशाचों का घर कहानी

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पिशाचों का घर कहानी - Vampire House Horror Story In Hindi

सुनसान सड़क, रात के 11 बजे, ठंडी हवाएं और जंगल से जानवरो की आती आवाजे, ऐसे में वह एक आलीशान बंगले के सामने रौनक, राहुल, शृष्टि और दिव्या खड़े हुए थे। तभी उस घर से मोहित और अनीता बहार आये।

मोहित – आप लोग कौन?

रौनक – वो सर हम लोग नोएड़ा जा रहे थे और रास्ते में हम लोग की गाड़ी ख़राब हो गयी हमने घर कॉल करना चाहा तो देखा मोबाइल में नेटवर्क भी नहीं था तो सोचा आप से मदद मांगकर देख लेते है।

अनीता – कोई बात नहीं बच्चो फ़ोन तो मेरा भी डेड है लेकिन तुम लोग जब तक चाहो तब तक यहाँ रुक सकते हो, अंदर आओ।

ये सुनकर चारो खुश हुए और उनको थैंक्स बोलकर घर के अंदर पहुंचे। अंदर जाकर उनकी आँखे फटी की फटी रह गयी। वह चारो तरफ महंगे-महंगे मेटिक पीसेस लगे हुए थे उनको देखकर उन लोगो को चुराने का मन होने लगा।

अनीता – बैठो बच्चो तुमको भूख लगी होगी, मै सबके लिए खाना लगाती हूँ।

मोहित – हां हां तुम खाना लगाओ तब तक मै बच्चो से बाते करता हूँ।

ये कहकर मोहित ने बच्चो के साथ डाइनिंग टेबल पर बैठकर बाते करने लगा। रौनक ने उसके करीब बैठे राहुल की तरफ ध्यान दिया तो देखा उसकी बेल्ट पर चाकू रखा था। रौनक ने फुसफुसाते हुए राहुल से कहा।

रौनक – इडियट मैंने कहा था ना कोई भी वैपन साथ मत रखना फिर तूने ये चाकू क्यों नहीं छोड़ा अगर इन लोगो को सक हो गया की हम लोग चोर है तो।

राहुल – तुझे पता है ना ये चाँदी का चाकू मेरे लिए लकी है मै इसे हमेशा अपने साथ रखता हूँ इन बुड्ढे और बुढ़िया को तो पता ही नहीं चलेगा।

खाना तैयार है बच्चो ये कहते हुए अनीता ने टेबल पर दो थाली रखी और उन पर से ढक्कन हटाया उन में चिकन रखा हुआ था क्यों बच्चो खाना पसंद आया या नहीं तभी दिव्या बोली यस मैम थैंक्यू सो मच अनीता ने कहा तो खाना सुरु करो। ये कहकर वो रहस्यमयी तरीके से मुस्कुरायी और बोली इसको खाने से तुम्हारा खून और गर्म और मीठा हो जायेगा।

मोहित – बच्चो हमारा घर बहुत बड़ा है और इतने दिनों बाद यहाँ कोई मेहमान आया है इसलिए हम चाहते है की सारे कमरे भर जाये तो जो कमरा जिसको पसंद आये आराम से अलग-अलग कमरे में ठहर जाओ।

ये सुनकर चारो खुश हुए और उनको अलगअलग कमरे दे दिए गए, मैसेज मिलते ही सब एक घंटे का इंतजार करने लगे। ठीक एक घंटे बाद रौनक अपने कमरे से निकलकर मोहित और अनीता के कमरे की तरफ गया। हलके से दरवाजा खोलकर अंदर देखा तो बेड पर मोहित अकेला सो रहा था।

रौनक – ये तो और अच्छा हुआ की ये दोनों अलग-अलग सो रहे है।

ये कहकर वो दबे पाव कमरे के अंदर दाखिल हुआ और चुपचाप अलमारी की तरफ जाकर उसे खोलने लगा, वो अलमारी खुल नहीं रहा था उसे लगा की वह लॉक है। फिर उसने देखा की मोहित के तकिये के पास एक चाभी रखी हुयी है।

उसे लगा की वह चाभी उस अलमारी की है वह जैसे ही वह चाभी उठाया मोहित ने उसका हाथ पकड़ लिया रौनक डर गया। मोहित ने भयानक अंदाज में हस्ते हुए जैसे ही अपनी आँखे खोली रौनक के मुँह से चीख निकल पड़ी।

मोहित की आँखे रंग बदलकर लाल हो चुकी थी और उसके दो दांत भी बड़े हो गए थे। मोहित उठा और रौनक चिल्लाकर उससे दूर हो गया।

मोहित – हस्ते हुए बोला, क्या हुआ मोहित चोरी का इरादा कैंसिल कर दिया क्या।

रौनक चिल्लाया और दरवाजे की तरफ भागा लेकिन वो दरवाजे की तरफ पहुंचता इससे पहले ही मोहित ने पीछे से उसे पकड़ लिया और भयानक अंदाज में हँसा और बोला आज इतने दिन बाद ताजा खून पिने को मिलेगा इतना कहते ही मोहित अपने तेज दांत रौनक के गर्दन पर लगाकर उसका खून चूसने लगा।

कुछ ही मिनटों में उसने रौनक का सारा खून चूस लिया और कुछ देर तक छटपटाने के बाद रौनक ने दम तोड़ दिया। फिर मोहित ने हस्ते हुए बोला वैम्पायर हाउस में आपका स्वागत है।

दिव्या – लगता है रौनक सारा माल लेकर फरहार होना चाहता है एक घंटा तो हो चूका अभी देखती हूँ की ये है कहा।

ये कहकर वो अपने कमरे से बाहर निकली और बाहर हाल में पहुंची उसे वहा कोई दिखाई नहीं दे रहा था तभी पीछे से आवाज आयी।

अनीता – यहाँ क्या कर रही हो दिव्या, कुछ चाहिए था।

दिव्या – यस मैम, वो मुझे प्यास लगी थी।

अनीता – आओ मेरे साथ मै तुम्हे पानी पिलाती हूँ।

ये कहकर अनीता ने उसका हाथ पकड़ा और किचन की तरफ ले गयी। उसने दिव्या का हाथ बहुत जोर से पकड़ा हुआ था और किचन तक पहुंचते हुए वह दर्द करने लगा था।

दिव्या बोली मैम मेरा हाथ छोड़िये दर्द हो रहा है ये सुनकर अनीता ने जैसे ही दिव्या से नजरे मिलायी दिव्या के मुँह से चीख निकल पड़ी। अब अनीता भी पिचास बन चुकी थी और लाल आँखो से भयानक अंदाज से दिव्या की तरफ देख रही थी उसके दांत भी खुखार हो चुके थे।

दिव्या का हाथ ऊपर उठाया और उसकी कलाई पर अपने दांत गड़ा दिए और खून चूसने लगी। दिव्या जोर से चिल्लाई और खुद को छुड़ाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही। वो अधमरी सी हो चुकी थी और अनीता ने उसको जैसे ही छोड़ा वो जमीन पर गिर पड़ी। एक दर्दनाक चीख के साथ दिव्या ने अपना दम तोड़ दिया और फिर अनीता जोर-जोर से हसने लगी।

राहुल अभी भी बेखबर अपने कमरे में बैठा हुआ था और वहा पर शृष्टि पहुंची।

शृष्टि – ये दोनों का तो पता ही नहीं चल रहा है की कहा है एक घंटे के बाद उठने को बोला था।

राहुल – मै भी रौनक की ही कॉल का वेट कर रहा था।

तभी मोहित और अनीता उसके कमरे में गयी और बोली कोई नहीं बचेगा। मोहित और अनीता को पिचास के रूप में देखकर शृष्टि डर गयी और भागकर राहुल के पास चली गयी।

शृष्टि और राहुल दोनों डर गए फिर मोहित और अनीता ने उन पर हमला कर दिया मोहित राहुल के ऊपर झपटा और उसे लेकर बेड पर जा गिरा अभी वो उसके गर्दन पर दांत गड़ाने ही वाला था की उसका हाथ तकिये के पास रखे राहुल के चाकू से टकरा गया।

मोहित चिल्लाते हुए उससे दूर हो गया, राहुल समझ गया की ये पिचास है और पिचास चाँदी से दूर रहते है राहुल ने झट से वो चाकू उठाया और मोहित की तरफ पॉइंट किया।

राहुल ने देखा की अनीता शृष्टि के ऊपर है और उसके ऊपर दांत गड़ाने ही वाली है उसने भागकर अनीता की कमर में चाकू मारा और वो चिल्ला उठी। वो चिल्लाते हुए जमीन पर गिरी और तड़पने लगी। उसके शरीर से जो खून निकल रहा था वो नीला था।

राहुल ने जल्दी से शृष्टि को खड़ा किया और दोनों बाहर की तरफ भागने लगे मोहित गुस्से में उन दोनों के पीछे भागा। वो लोग जैसे ही मेन रोड तक पहुंचे मोहित उनके सामने आकर खड़ा हो गया।

वह बोला तुमने मेरी अनीता को मारा है अब तुम दोनों को कोई नहीं बचा सकता ये कहकर वह राहुल का हाथ मोड़ दिया जिससे की चाकू छटककर दूर जा गिरा फिर शृष्टि को धक्का देकर वह राहुल पर झपटा।

उसने राहुल के मुँह पर नाख़ून मारकर उसको घायल कर दिया था और अब उसके गर्दन पर हमला करने ही वाला था तभी शृष्टि ने जमीन गिरा चाकू उठाया और भागकर मोहित की गर्दन पर चला डाला।

मोहती भयानक आवाज में चिल्लाता हुआ जमीन पर ढेर हो गया। धीरे-धीरे मोहित के शरीर से भी नीला-नीला जहरीला खून निकला और वो भी ख़त्म हो गया।

राहुल ने तुरंत ही शृष्टि का हाथ पकड़ा और बोला चलो यहाँ से निकलते है और फिर दोनों रात में ही आँखो में डर और दिल में खौफ लिए वहा से दूर भाग निकले और फिर दोनों के कभी भी चोरी ना करने की कसम भी खायी।


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